सेवाएँ

क्लिनिक में क्या-क्या होता है

हर सेवा की शुरुआत परामर्श से होती है। जाँच के बाद ही डॉक्टर बताते हैं कि आपके लिए कौन-सी विधि ठीक है, और कौन-सी नहीं।

आयुर्वेदिक परामर्श और औषधि

प्रकृति, नाड़ी और आपकी पूरी बात समझकर सलाह

हर इलाज की शुरुआत यहीं से होती है। डॉक्टर आपकी पूरी बात सुनते हैं, जाँच करते हैं, और फिर खानपान, दिनचर्या और औषधि पर सलाह देते हैं।

  • प्रकृति परीक्षण

    आपके शरीर की बनावट और स्वभाव (प्रकृति) को समझना, ताकि सलाह आपके हिसाब से हो।

  • नाड़ी परीक्षा

    नाड़ी देखकर शरीर की स्थिति समझने की पारंपरिक विधि।

  • पूरी जानकारी और जाँच

    तकलीफ़ कब से है, पहले क्या इलाज हुआ, और ज़रूरी शारीरिक जाँच।

  • पथ्य-अपथ्य

    क्या खाएँ और क्या कम करें या टालें, आपकी तकलीफ़ और प्रकृति के हिसाब से।

  • दिनचर्या और ऋतुचर्या

    रोज़ की दिनचर्या और मौसम के हिसाब से रहन-सहन पर सलाह।

  • शास्त्रीय आयुर्वेदिक औषधियाँ

    ज़रूरत हो तो शास्त्रीय औषधियाँ और जड़ी-बूटियों से बने योग, डॉक्टर के बताए अनुसार।

पंचकर्म

मुख्य सेवा

शरीर की शुद्धि की पारंपरिक विधियाँ, तैयारी से लेकर

हर शरीर अलग है, इसलिए पहले जाँच, फिर पंचकर्म। डॉ. अविनाश सिन्हा आपकी प्रकृति देखकर बताते हैं कि कौन-सी विधि आपके लिए ठीक है।

  • पूर्वकर्म: स्नेहन और स्वेदन

    पंचकर्म से पहले की तैयारी: औषधीय तेल या घी (स्नेहन) और सेंक (स्वेदन)।

  • वमन

    बढ़े हुए कफ़ को बाहर निकालने की विधि।

  • विरेचन

    पित्त के संतुलन के लिए औषधीय शुद्धि।

  • बस्ती: अनुवासन और निरूह

    वात दोष के लिए औषधीय तेल (अनुवासन) या काढ़े (निरूह) की बस्ती।

  • नस्य

    नाक के रास्ते औषधि, सिर और गले के लिए।

  • रक्तमोक्षण

    दूषित रक्त निकालने की पारंपरिक विधि।

क्षारसूत्र और पैरा-सर्जिकल देखभाल

मुख्य सेवा

पाइल्स, फिस्टुला और फिशर के लिए पारंपरिक विधि

शर्माइए नहीं, सही सलाह लीजिए। परामर्श गोपनीय और सम्मानजनक होता है, और डॉक्टर पहले पूरी जाँच करके ही आगे की बात करते हैं।

  • क्षारसूत्र

    पाइल्स, फिस्टुला और फिशर में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक पैरा-सर्जिकल विधि, जड़ी-बूटियों से तैयार औषधीय धागे से।

  • अग्निकर्म

    किसी एक जगह के दर्द के लिए पारंपरिक ताप-चिकित्सा।

  • फ़ॉलो-अप देखभाल

    दोबारा दिखाना और प्रगति देखना, डॉक्टर के बताए अनुसार।

  • गोपनीय और सम्मानजनक परामर्श

    आपकी बात और जाँच निजी माहौल में, पूरे सम्मान के साथ।

दर्द और जोड़ों की देखभाल

मुख्य सेवा

गर्दन, कमर और घुटने के लिए थेरेपी और सही आदतें

गर्दन, कमर या घुटने का दर्द हो तो डॉक्टर पहले जाँच करके समझते हैं कि तकलीफ़ कहाँ से है, फिर तय करते हैं कि कौन-सी थेरेपी आपके लिए ठीक है।

  • ग्रीवा बस्ती

    गर्दन पर आटे के घेरे में गुनगुना औषधीय तेल रखने की थेरेपी।

  • कटि बस्ती

    कमर के निचले हिस्से पर गुनगुने औषधीय तेल की वही विधि।

  • जानु बस्ती

    घुटने पर गुनगुने औषधीय तेल की थेरेपी।

  • अभ्यंग

    पूरे शरीर या दर्द वाली जगह पर औषधीय तेल से मालिश।

  • स्वेदन

    जड़ी-बूटियों की भाप या सेंक।

  • पत्र पिंड स्वेद

    औषधीय पत्तों की गरम पोटली से सेंक।

  • पिझिचिल

    शरीर पर गुनगुना औषधीय तेल धीरे-धीरे डालते हुए मालिश।

  • ट्रैक्शन

    गर्दन और कमर के लिए ट्रैक्शन, जाँच के बाद ज़रूरत हो तो।

  • सही आदतें

    बैठने, सोने और व्यायाम के तरीके पर डॉक्टर की सलाह।

सिर, तनाव और नींद की देखभाल

मुख्य सेवा

शिरोधारा, नस्य और सिर, आँख, कान की पारंपरिक देखभाल

तनाव, नींद और सिर से जुड़ी तकलीफ़ों में ये पारंपरिक थेरेपी दी जाती हैं। कौन-सी आपके लिए ठीक है, यह जाँच के बाद तय होता है।

  • शिरोधारा

    माथे पर गुनगुने औषधीय तेल या द्रव की लगातार पतली धारा।

  • शिरो अभ्यंग

    सिर की औषधीय तेल से मालिश।

  • शिरोबस्ती

    सिर पर बनी टोपी में कुछ देर औषधीय तेल रखने की विधि।

  • नस्य

    नाक के रास्ते औषधि, सिर और गले के लिए।

  • तलम

    सिर के बीच (तालू) पर जड़ी-बूटियों का लेप।

  • कर्णपूरण

    कान में गुनगुना औषधीय तेल डालने की पारंपरिक देखभाल।

  • नेत्र तर्पण

    आँखों के चारों ओर आटे का घेरा बनाकर औषधीय घी रखने की विधि।

पाचन और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य

पाचन-अग्नि, खानपान और वज़न पर सलाह

भूख, पाचन और वज़न से जुड़ी बातों में खानपान और दिनचर्या की बड़ी भूमिका है। डॉक्टर आपकी आदतें समझकर सलाह देते हैं।

  • दीपन-पाचन

    पाचन-अग्नि, यानी भूख और पाचन, को ठीक रखने पर मार्गदर्शन।

  • खानपान की योजना

    आपकी प्रकृति और दिनचर्या के हिसाब से क्या, कब और कितना खाएँ।

  • जड़ी-बूटियों के योग

    ज़रूरत हो तो आयुर्वेदिक औषधियाँ, डॉक्टर के बताए अनुसार।

  • वज़न पर मार्गदर्शन

    खानपान, दिनचर्या और व्यायाम पर व्यावहारिक सलाह।

  • उद्वर्तन

    जड़ी-बूटियों के सूखे चूर्ण से मालिश।

त्वचा और बालों की देखभाल

औषधि, लेप और खानपान पर सलाह

त्वचा और बालों की तकलीफ़ अक्सर खानपान और दिनचर्या से जुड़ी होती है। जाँच के बाद डॉक्टर बताते हैं कि क्या लगाना है और क्या बदलना है।

  • जड़ी-बूटियों की औषधियाँ

    अंदर लेने के लिए आयुर्वेदिक औषधियाँ, डॉक्टर के बताए अनुसार।

  • लेप

    त्वचा पर लगाने के लिए जड़ी-बूटियों का लेप।

  • खानपान और दिनचर्या

    क्या खाएँ, क्या टालें, और रोज़ की देखभाल कैसे करें।

  • अभ्यंग

    औषधीय तेल से मालिश।

महिलाओं का स्वास्थ्य

माहवारी, गर्भावस्था और प्रसव के बाद की देखभाल पर सलाह

महिलाओं से जुड़ी हर बात निजी और सम्मानजनक माहौल में होती है। आप बेझिझक अपनी तकलीफ़ बता सकती हैं।

  • माहवारी और प्रजनन स्वास्थ्य

    माहवारी से जुड़ी तकलीफ़ों और प्रजनन स्वास्थ्य पर परामर्श।

  • गर्भिणी परिचर्या

    गर्भावस्था में खानपान और दिनचर्या पर सलाह।

  • सूतिका परिचर्या

    प्रसव के बाद की देखभाल पर सलाह।

  • खानपान और दिनचर्या

    उम्र और ज़रूरत के हिसाब से रहन-सहन पर सलाह।

बच्चों की देखभाल

बाल रोग परामर्श, स्वर्ण प्राशन और दिनचर्या

बच्चों के लिए सलाह हमेशा उनकी उम्र और ज़रूरत देखकर, सौम्य तरीके से दी जाती है।

  • बाल रोग परामर्श

    बच्चों की सेहत से जुड़ी आम तकलीफ़ों पर आयुर्वेदिक परामर्श।

  • स्वर्ण प्राशन

    बच्चों के लिए एक पारंपरिक आयुर्वेदिक प्रथा, डॉक्टर की सलाह से।

  • खानपान और दिनचर्या

    बढ़ते बच्चे के खाने, नींद और खेल पर सलाह।

  • सौम्य औषधियाँ

    ज़रूरत हो तो बच्चों के लिए हल्के आयुर्वेदिक योग।

रसायन और निवारक स्वास्थ्य

मौसम के हिसाब से शुद्धि, दिनचर्या, योग और प्राणायाम

बीमारी न हो, तब भी सेहत का ध्यान रखा जा सकता है। उम्र और मौसम के हिसाब से सलाह।

  • रसायन

    शरीर को पोषण देने वाली औषधियों और आदतों पर सलाह।

  • ऋतु शोधन

    मौसम बदलने पर शुद्धि के बारे में मार्गदर्शन।

  • रोग-प्रतिरोधक क्षमता और जीवनशैली

    नींद, खानपान और दिनचर्या से जुड़ी सलाह।

  • आराम देने वाली थेरेपी

    अभ्यंग या शिरोधारा जैसी थेरेपी, जाँच के बाद।

  • योग और प्राणायाम

    आपके लिए ठीक योग और साँस के अभ्यास पर सलाह।

कौन-सी सेवा आपके लिए है?

यह जानने के लिए किसी सूची की नहीं, एक परामर्श की ज़रूरत है। फोन या WhatsApp करके समय तय कर लीजिए।