परामर्श

आयुर्वेदिक परामर्श में क्या होता है

एक छोटी-सी जानकारी, ताकि आप तैयारी के साथ और बेफ़िक्र होकर आएँ। कुछ समझ न आए, तो बस फोन करके पूछ लें।

साथ क्या लाएँ

एक रात पहले ये सब एक थैले में रख लें।

  • पुरानी पर्चियाँ और डॉक्टर के लिखे कागज़
  • पुरानी रिपोर्ट, X-ray या MRI, अगर हों: इनसे सलाह और सटीक होगी
  • अभी जो भी दवाइयाँ ले रहे हैं: पत्ते या शीशियाँ, या उनकी लिखी हुई सूची
  • अपनी तकलीफ़ की छोटी-सी पर्ची: कब शुरू हुई, किससे बढ़ती या घटती है
  • कोई साथ आए तो आसानी हो, तो उन्हें साथ ले आएँ

मुलाक़ात में क्या होता है

  1. आप अपनी बात बताते हैं

    डॉक्टर आपकी मुख्य तकलीफ़ सुनते हैं और पूछते हैं कि यह कब से है।

  2. आपके दिन के बारे में सवाल

    भूख, पाचन, नींद, काम-काज और आपका आम दिन कैसा बीतता है, इस बारे में सवाल पूछे जाते हैं।

  3. जाँच

    डॉक्टर आपकी प्रकृति और तकलीफ़ दोनों देखते हैं। इसमें नाड़ी परीक्षा और ज़रूरी शारीरिक जाँच शामिल हो सकती है।

  4. सलाह और आगे क्या

    खानपान और दिनचर्या की सलाह मिलती है। पंचकर्म, क्षारसूत्र या कोई थेरेपी चाहिए या नहीं, यह जाँच के बाद ही तय होता है। दोबारा कब दिखाना है, यह डॉक्टर बता देते हैं।

गोपनीय और सम्मानजनक परामर्श

आपकी बात और जाँच निजी रहती है। पाइल्स, फिस्टुला या महिलाओं से जुड़ी तकलीफ़ जैसी बातें भी आप बेझिझक बता सकते हैं।

आपात स्थिति में क्लिनिक का इंतज़ार न करें।

अगर आपको या आपके साथ किसी को ये तकलीफ़ हो, तो तुरंत नज़दीकी अस्पताल जाएँ या एम्बुलेंस बुलाएँ:

  • सीने में दर्द, दबाव या जकड़न
  • साँस लेने में तकलीफ़
  • तेज़ खून बहना जो रुक नहीं रहा
  • बेहोशी या होश खो देना
  • चेहरे, हाथ या पैर में अचानक कमज़ोरी या सुन्नपन, या बोलने में लड़खड़ाहट

लोग अक्सर पूछते हैं

क्या पहले से समय लेना ज़रूरी है?

कृपया फोन या WhatsApp करके समय तय कर लें, ताकि डॉक्टर आपको पूरा ध्यान दे सकें।

पाइल्स या फिस्टुला जैसी तकलीफ़ के बारे में बताने में झिझक होती है। क्या करूँ?

शर्माइए नहीं, सही सलाह लीजिए। परामर्श गोपनीय और सम्मानजनक होता है, और डॉक्टर पहले पूरी जाँच करके ही आगे की बात करते हैं।

क्या पहली ही मुलाक़ात में पंचकर्म या कोई थेरेपी शुरू हो जाती है?

कौन-सी थेरेपी चाहिए, या चाहिए भी या नहीं, यह जाँच के बाद ही तय होता है। कुछ भी शुरू करने से पहले डॉक्टर आपको समझाते हैं।

क्या मैं अभी की दवाइयाँ बंद कर दूँ?

नहीं। कोई भी दवा अपने मन से बंद या कम न करें। अपनी सारी दवाइयाँ साथ लाएँ और डॉक्टर को हर एक के बारे में बताएँ।

क्या आयुर्वेद आपात इलाज की जगह ले सकता है?

नहीं। इस पेज पर लिखे खतरे के लक्षण हों तो सीधे अस्पताल जाएँ। आयुर्वेदिक सलाह आपात इलाज की जगह नहीं ले सकती।

जब चाहें, बात कीजिए।

समय तय करने के लिए क्लिनिक को फोन करें या WhatsApp पर लिखें।

+91 98261 65610 या +91 97707 30625